बउआ...

बउआ...

by @rahul_anchor

कविता (Poetry)

Genre: Poetry, Contemporary Hindi Poetry, Romantic Literature, Emotional & Reflective Poetry

Description:

यह पुस्तक प्रेम की उस अवस्था का दस्तावेज़ है जहाँ शब्द किसी प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि महसूस किए जाने के लिए जन्म लेते हैं। इसमें संकलित कविताएँ किसी एक कहानी को साबित नहीं करतीं, बल्कि उन भावनाओं को स्वर देती हैं जो साथ चलते हुए, ठहरते हुए और जीते हुए मन में उतर जाती हैं। यह प्रेम उत्सव नहीं है और न ही विरह का शोक—यह प्रेम का स्वाभाविक प्रवाह है। कभी वह सुबह की हल्की धूप बनकर आता है, कभी शाम की चुप्पी में घुल जाता है, इस संग्रह में रिश्तों को समझाने की कोशिश नहीं की गई है, बल्कि उन्हें जीने दिया गया है। यहाँ शब्द वहीं रुक जाते हैं जहाँ भावनाएँ बोलने लगती हैं।

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