मुसाफिर कैफे
उपन्यास (Novel)Genre: Unconventional Relationship, Separation & Dreams ,Differing Views
Description:
दिव्या प्रकाश दुबे द्वारा लिखित 'मुसाफिर कैफे'दो युवा पेशेवरों, महत्वाकांक्षी वकील सुधा और उलझन में पड़े इंजीनियर चंदर की कहानी है, जिनकी मुलाकात तयशुदा शादी के सिलसिले में होती है, लेकिन वे अपने-अपने सपनों को पूरा करने के चक्कर में अनजाने में लिव-इन रिलेशनशिप में बंध जाते हैं। यह उपन्यासप्रेम, सपनों, जीवन के सफर और अपरंपरागत रिश्तों जैसे विषयों को सहज संवादों के माध्यम से प्रस्तुत करता है, हालांकि कुछ लोगों को इसकी कहानी अधूरी या घिसी-पिटी लग सकती है। कहानी उनके बदलते रिश्ते, शादी को लेकर उनके अलग-अलग विचारों (सुधा की शादी से नफरत बनाम चंदर की चाहत) और उनके अलग-अलग रास्तों को दर्शाती है, जिसका अंत चंदर के सपनों के कैफे और वर्षों बाद उनके पुनर्मिलन में होता है, जहां वे जीवन के अप्रत्याशित मोड़ों और उद्देश्य की खोज पर विचार करते हैं।